• मुझे जब से हक़ दिखलाया गया दिया गया है मैं कभी शक का शिकार नहीं हुआ हूँ। मैंने न ग़लत बयानी की है और ना मुझे झुटलाया गया है। और ना मैं गुमराह हुआ हूँ और ना मुझे गुमराह किया जा सका है। ۱۸۵&۱۸۴